बुधवार, 24 अगस्त 2016

जैतापुर के मुलायम सिंह यादव(jaitapur ke mulayam singh yadav)

बेहद शान्त व सरल स्वभाव के मुलायम सिंह यादव का
जन्म इलाहाबाद जनपद के हंडिया तहसील के गाँव
जैतापुर में 11जनवरी 1990 को एक साधारण परिवार
में हुअा था.पिता अमृतलाल यादव के चार पुत्रों में तीसरे
नंबर के पुत्र हैं.मुलायम चार के चार भाई क्रमशः रामजी,श्यामजी,
तथा कोमल यादव हैं.दो बहनें हैं जिनका नाम वनदेवी और खुशबू
है.

मुलायम के पिता तीन भाई हैं.इनके पिताजी धार्मिक विचारधारा के हैं.
माता कानाम सुरेमादेवी है.एक भयानक रोग के चलते मां का साया
बचपन से छूट गया.मां के मृत्यु के साथ पूरा परिवार मां के विहीन हो गया.
लेकिन पिता जी हिम्मती स्वभाव के थे किसी तरह परिवार का पालनपोषण कर
अपने समस्त बच्चों की शिक्षा पूरी कराई.मुलायम की शादी पुष्पा यादव से
20फरवरी 2015 को हुई.पत्नी भी उदार किस्म की है.पति के सहयोग करने में
सदैव तत्पर रहती है.

मुलायम की प्राथमिक पढ़ाई प्राथमिक पाठशाला जैतापुर स्थित सरकारी
स्कूल में हुई.इंटर की पढ़ाई हंडिया स्थित महर्षि कालेज से हुई.विभिन्न
परिस्थितियों को झेलते हुये बालक मुलायम की आगे शिक्षा सैदाबाद स्थित
राजकीय महाविद्यालय से स्नातकोत्तर तक डिग्री हासिल की.

बेहद मिलनसार प्रवृत्ति की भावना मुलायम की है.हंसमुख स्वभाव,गरीबों की
मदद के लिये हमेशा उत्सुक रहते हैं.ईमानदार प्रवृत्ति है.किसी भी कार्यक्रम
में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना इनकी रूचि है.सामाजिक कार्यों में विशेष रूचि है.
गांव में ही रहकर सरकारी जांब की तैयारी कर रहे हैं.

सुबह जल्दी उठना व दौड़ लगाना इनकी रूचि है.स्वास्थ के प्रति सचेत रहते
हैं.उनका कहना है कि स्वास्थ के बिना जीवन शून्य है.कई दफे मुंबई भी गये
लेकिन बाहर इनके लिये अनूकूल नहीं रहा.बीमारियों का भी सामना करना पड़ा.
इस समय घर पर रह कर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहें हैं.

खेतीबाड़ी में भी विशेष रूचि रहती है.बिल्कुल कह लीजिये की मुलायम जी
जमीन से जुड़े हैं.अरई बाजार में इनका उठना बैठना रहता है.मुलायमजी
हमारे घर भी आते रहते हैं.हम तो ईश्वर से प्रार्थना करेंगें कि मुलायम का जीवन
बढ़ता रहे और ऊंचाइयों को छूते रहें.मां बाप का नाम रौशन करें तथा अपने
गांव समाज का नाम रौशन करते रहें.यही दुआ हमारी है..धन्यवाद

                                                -----प्रसिध्द लेखक
                                                जयचन्द प्रजापति'कक्कू'

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